असंगठित मजदूरों के लिए ट्रेनिंग व रणनीति।
पटना के नव ज्योति निकेतन, कुर्जी में दो दिनों का एक खास कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम 'आश्रय अभियान' संस्था द्वारा आयोजित किया गया था।
इसका मुख्य विषय था: "असंगठित मजदूरों की बदहाली और उन्हें बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग व रणनीति।"
इस कार्यक्रम की मुख्य बातें :
कार्यक्रम की शुरुआत और मुख्य अतिथि
उद्घाटन: कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसमें नव ज्योति निकेतन के निदेशक फादर जॉनी, आश्रय अभियान की सचिव डोरोथी फर्नांडिस और बक्सर से आए बाबूलाल जी शामिल थे।
अध्यक्षता और संचालन: इस सभा की अध्यक्षता दिलीप पटेल ने की, जबकि पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन (मंच संभालना) धर्मेंद्र रंगकर्मी ने किया।
स्वागत: धर्मेंद्र रंगकर्मी ने मजदूरों को प्रेरित करने वाला एक गीत गाकर आए हुए मेहमानों का स्वागत किया।
चर्चा के मुख्य बिंदु

आश्रय अभियान की निदेशिका डोरोथी फर्नांडिस ने मजदूरों की गिरती हालत पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कुछ जरूरी बातें रखीं:
नए लेबर कोड का विरोध: उन्होंने सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड (मजदूर कानूनों) का विरोध किया और कहा कि ये मजदूरों के हक में नहीं हैं।
प्रवासी मजदूरों का दर्द: जो मजदूर अपना घर छोड़कर दूसरे शहरों में काम करने जाते हैं, उनकी दयनीय स्थिति पर चर्चा हुई।
खुद की लड़ाई: उन्होंने जोर देकर कहा कि मजदूरों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद संगठित होकर करना होगा।




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