कुदरत का कहर, फुटपाथ की जंग!
- TEAM AASHRAY ABHIYAAN
- May 12
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फील्ड रिपोर्ट 1: कुदरत का कहर और हक की हुंकार
दिनांक: 12.05.2026 | स्थान: गर्दनीबाग एवं सिपारा, पटना | रिपोर्टर: रंजीत कुमार
1. गर्दनीबाग: झोपड़ी पर टूटा दुख का पहाड़
गर्दनीबाग के 21 नंबर नाले के पास रहने वाले गरीबों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ लालती देवी की झोपड़ी पर पेड़ गिरने से उनका शौचालय पूरी तरह ध्वस्त हो गया, तो दूसरी तरफ हवा में तिरपाल उड़ने से उषा देवी के सिर पर ईंट जा लगी।

दर्द की आवाज: "नीचे सरकार की मार है, ऊपर से भगवान की। चैन से रहने के लिए किराया तक के पैसे नहीं हैं।"
परामर्श: मैंने उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने और अपनी आजीविका के काम को जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
2. सिपारा चौक: मजदूरी का मोल और एकता का बल
सिपारा रेलवे लाइन चौक पर मजदूरों के साथ गंभीर चर्चा हुई। सरकारी मजदूरी दर बढ़ने के बावजूद बाजार में उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहे।

मजदूरों की मांग: काम करवाने वाले लोग तय मजदूरी देने को तैयार नहीं हैं। सरकार को ऐसे लोगों पर नकेल कसनी चाहिए।
रणनीति: मैंने उन्हें समझाया कि सिर्फ सरकारी आदेश काफी नहीं, उन्हें संगठित होना होगा। एक 'कमेटी' बनाकर मजदूरी का एक रेट तय करना होगा और कम मजदूरी पर काम करने वालों का विरोध करना होगा।
आगे की राह: मजदूर भाई अब जागरूक होकर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए रैलियों और बैठकों में शामिल होने को तैयार हैं।
फील्ड रिपोर्ट 2: फुटपाथ की जंग, कानून के संग
दिनांक: 11.05.2026 | स्थान: बेली रोड (न्यू सचिवालय), पटना | रिपोर्टर: बिट्टू कुमार

स्ट्रीट वेंडर्स का संघर्ष और 14 मई का बिगुल
बेली रोड के फुटपाथ दुकानदारों और ठेला वेंडरों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को करीब से समझा। अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम द्वारा किए जा रहे शोषण और अवैध वसूली (चालान) ने दुकानदारों की कमर तोड़ दी है।
जागरूकता अभियान: दुकानदारों को 'स्ट्रीट वेंडर एक्ट' के तहत उनके अधिकारों और इस कानून के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
आगामी बैठक: शोषण और अत्याचार के खिलाफ एक बड़ी बैठक 14 मई 2026 को आयोजित की गई है।
नेतृत्व: सिस्टर
डॉरथी फर्नाडिस (डायरेक्टर, आश्रय अभियान)।
मकसद: नगर निगम की मनमानी के खिलाफ एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ना।




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