महात्मा गांधी अमर है, आज भी, कल भी!
30 जनवरी वह दिन है जब महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे नामक एक कट्टरपंथी ने की थी, जो गांधीजी द्वारा प्रतिपादित समावेश, अहिंसा और सभी समुदायों के बीच भाईचारे के विचार का घोर विरोधी था।
क्या बापू के सोच, विचार, और जीवन आज के 'नया भारत ' में प्रासंगिक है? इस मुद्दा पर हम सब अपने बातें रखे ।
'महात्मा गांधी अमर रहे!' नारा था, जिसे हमारे लक्षित समुदायों और बस्तियों की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने 30 जनवरी को श्रद्धापूर्वक मनाते हुए दोहराया। यह गांधीजी की हत्या का दिन है, जिसे फासीवादी ताकतों ने अंजाम दिया था, और जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।




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