मानवाधिकार दिवस सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
- TEAM AASHRAY ABHIYAAN
- Dec 12, 2025
- 2 min read
बिहार में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से हम देख रहे हैं कि सड़क किनारे विक्रेताओं और गरीब झुग्गीवासियों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संदर्भ में, प्रभावित लोगों के लिए अपने मानवाधिकारों और कानूनी अधिकारों को समझना वास्तव में महत्वपूर्ण है।
दिनांक 10-12-2025 दिन-बुधवार को पटना के स्टैण्ड रोड में सरस्वती देवी जी कि अध्यक्षता में किया गया और कार्यक्रम का संचालन धर्मेन्द्र कुमार जी ने की।

विषय प्रवेश करते हुए समाजसेवी दिलीप कुमार पटेल जी ने संविधानिक मानवाधिकार के लिए मौलिक अधिकार जैसे सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार,स्वतंत्रता,शोषण के विरूद्ध, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक, संवैधानिक उपचारों का अधिकारों आदि पर प्रकाश डालते हुए स्लमवासियों की महिलाओ को अपने अधिकार के प्रति सजग होने और संघर्ष करने के संगठित होकर आवाज को बुलंद करने पर प्रकाश डालते हुए लोगो में जोश भरने का कार्य किए।
साथ ही वार्ड न09 के वार्ड पार्षद आशिष कुमार शंकर जी ने भी बुलडोजर की सरकार को जबाव देने के लिए संगठित होकर आवाज मजबूत करने और स्ट्रीट भेन्डर एक्ट को मजबूती के साथ लागू करने का आह्वान किया।

निदेशिका सह सचिव डोरोथी फर्नाडिस जी ने मौजूद सभी महिलाओ के बीच पूर्व के वर्षो की संघर्षों की कहानी की सफलता को दुहराते हुए कही कि आज भी सभी महिलाओ को एकत्रित होकर स्लम के झोपड़ियों पर चल रहे बुलडोजर को जबाब देने के लिए भारी संख्या मे पहल करने की जरूरत है एवं दूसरे स्लमवासियों को टुट रहे झोपडपट्टी वासियो को सहयोग करना होगा।

साथ ही संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार को गरिमापूर्ण जीवन जीने,की तरकीब पर विचार रखी,
साथ ही दूसरे कार्यक्रम मनाही पकडी पार्क के पास मानवाधिकार दिवस असंगठित कामगार और स्लमवासियों के बीच मनाया गया।

कार्यक्रम में शामिल-दीलीप पटेल,धर्मेन्द्र कुमार, सुदर्शन कुमार,बिट्टू कुमार,रंजीत सर,सरस्वती देवी ,प्रमिला देवी, रामबाबू प्रसाद जी रहे।




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